📘 Parts of Speech - By Sanjay Kumar Instagram I'd- sanjaykumarinventor परिचय (Introduction) Parts of Speech वो श्रेणियाँ हैं जिनमें हम English ke शब्दों को उनके कार्य (function) के अनुसार बाँटते हैं। कुल 8 मुख्य प्रकार होते हैं: Noun Pronoun Verb Adjective Adverb Preposition Conjunction Interjection 🟢 1. Noun (संज्ञा) Definition: किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु या भाव का नाम। Examples: Sanjay Kumar is a great inventor. Delhi, honesty, table, car Types of Noun: Proper Noun: India, Sanjay Kumar Common Noun: City, boy Collective Noun: Team, army Abstract Noun: Kindness, love Material Noun: Gold, water 🟠 2. Pronoun (सर्वनाम) Definition: Noun के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्द। Examples: He, she, it, they, you Sanjay is smart. He is an inventor. Types: Personal (I, you, he) Reflexive (myself, yourself) Demonstrative (this, that) Interrogative (who, what) Relative (who, which) 🔵 3. Verb (क्रिया) Definition: कार्य या अवस्था को दर्शाने वाले शब्द। Examples: R...
💖 एक अनोखी प्रेम कहानी: संजय कुमार और बिलारो रानी भाग 1: पहली नज़र का प्यार संजय कुमार एक सीधा-सादा लड़का था, जिसे किताबों से प्यार था और सपनों से दोस्ती। वो अपने गांव के स्कूल में पढ़ाई करता था, लेकिन दिल में बड़े-बड़े सपने बसाए हुए था – कुछ कर दिखाने के, कुछ बनने के, और किसी को दिल से चाहने के। एक दिन गांव के मेले में उसकी नज़र पड़ी एक लड़की पर – बिलारो रानी। वो किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही थी। उसकी आंखों में चमक थी, चाल में आत्मविश्वास था और मुस्कान में जादू। संजय का दिल उसी पल धड़क उठा। लेकिन वो सिर्फ एक झलक थी। न नाम पता था, न कुछ और। बस इतना मालूम था कि वो किसी न किसी तरह फिर से मिलेगी। भाग 2: मुलाकातें और बढ़ता रिश्ता किस्मत को शायद कुछ और मंज़ूर था। कुछ दिनों बाद, संजय को पता चला कि बिलारो रानी अब उसी कॉलेज में एडमिशन लेने वाली है जहाँ संजय पढ़ाई कर रहा था। यह जानकर उसका दिल खुशी से झूम उठा। धीरे-धीरे उनकी मुलाकातें बढ़ने लगीं। लाइब्रेरी में, कैंटीन में, प्रोजेक्ट वर्क में – हर जगह दो दिल धीरे-धीरे एक-दूसरे की धड़कन बनने लगे। बिलारो भी संजय की सादगी और ईमानद...
"मैं हूँ संजय कुमार" मैं तूफ़ानों से टकराया हूँ, आँधियों से लड़ा हूँ, गिरा ज़रूर कई बार, मगर हर बार खड़ा हूँ। नाम है मेरा संजय कुमार , हार मान लेना मुझे बिल्कुल नहीं स्वीकार। कभी खेतों में काम किया, कभी ट्यूशन पढ़ाया, हर रोज़ कुछ नया सीखा, हर दिन खुद को आज़माया। ना कोई शाही राज था, ना कोई खास सहारा, मेरे इरादों ने ही मुझे बना दिया सितारा। पसीने की बूँदों से सींचा मैंने ख्वाबों का खेत, हर मुश्किल को समझा मैंने एक नई रीत। जब लोगों ने कहा "तू नहीं कर पाएगा", तब मैंने साबित किया – "मैं कर के दिखाऊंगा!" रातों को जग कर बनाया था सपना, जो एक दिन बना मेरी मेहनत का अपना सपना। आज जो दिख रहा है वो चकाचौंध नहीं है, ये तो मेरे हर आँसू की सुनहरी गवाही है। मैं वो हूँ जो थक कर भी चलता रहा, जो अकेले में भी खुद को संभालता रहा। मैं हार नहीं, जीत की पहचान हूँ, मैं खुद अपनी कहानी का सम्मान हूँ। "मैं हूँ संजय कुमार, जुनून मेरा हथियार है, मेहनत मेरी पूजा है, और संघर्ष मेरा त्यौहार है!" Written By Sanjay Kumar Instagram I'd- sanjaykumarinvent...
Comments
Post a Comment