"मैं हूँ संजय कुमार"

मैं तूफ़ानों से टकराया हूँ, आँधियों से लड़ा हूँ,
गिरा ज़रूर कई बार, मगर हर बार खड़ा हूँ।
नाम है मेरा संजय कुमार,
हार मान लेना मुझे बिल्कुल नहीं स्वीकार।

कभी खेतों में काम किया, कभी ट्यूशन पढ़ाया,
हर रोज़ कुछ नया सीखा, हर दिन खुद को आज़माया।
ना कोई शाही राज था, ना कोई खास सहारा,
मेरे इरादों ने ही मुझे बना दिया सितारा।

पसीने की बूँदों से सींचा मैंने ख्वाबों का खेत,
हर मुश्किल को समझा मैंने एक नई रीत।
जब लोगों ने कहा "तू नहीं कर पाएगा",
तब मैंने साबित किया – "मैं कर के दिखाऊंगा!"

रातों को जग कर बनाया था सपना,
जो एक दिन बना मेरी मेहनत का अपना सपना।
आज जो दिख रहा है वो चकाचौंध नहीं है,
ये तो मेरे हर आँसू की सुनहरी गवाही है।

मैं वो हूँ जो थक कर भी चलता रहा,
जो अकेले में भी खुद को संभालता रहा।
मैं हार नहीं, जीत की पहचान हूँ,
मैं खुद अपनी कहानी का सम्मान हूँ।


"मैं हूँ संजय कुमार, जुनून मेरा हथियार है,
मेहनत मेरी पूजा है, और संघर्ष मेरा त्यौहार है!"

Written By Sanjay Kumar

Instagram I'd- sanjaykumarinventor

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